Tuesday, February 26, 2013

अब दूसरी से 12वीं तक देना होगा 15 फीसद ईडब्ल्यूएस कोटा


Rashtriya Sahara - 26 Feb 2013 
नई दिल्ली(एसएनबी) राजधानी में रियायती दरों पर सरकार से मिली जमीन पर बने सभी स्कूलों में एंट्री लेवल के बाद अब दूसरी से लेकर 12वीं कक्षा तक में 15 फीसद तक ईडब्ल्यूएस कोटा देना होगा। अभी तक यह स्कूल एंट्री लेवल यानी नर्सरी, केजी पहली कक्षा में भी दाखिला नहीं दे रहे थे, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद निदेशालय के इन स्कूलों को एंट्री लेवल पर दाखिला देने को कहा था। इसके बाद स्कूलों ने निदेशालय के आदेश का पालन करते हुए एंट्री लेवल पर दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन अब इन स्कूलों को दूसरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक में भी 15 फीसद ईडब्ल्यूएस कोटा देना होगा। इस बाबत बुधवार तक शिक्षा निदेशालय अधिसूचना जारी करने जा रहा है। शिक्षा निदेशक अमित सिंघला ने कहा कि मंगलवार या बुधवार तक अधिसूचना जारी होगी। श्री सिंघला ने कहा कि राजधानी में करीब 400 स्कूल सरकारी जमीन पर बने हैं। इन स्कूलों को स्कूल की जमीन रियायती दरों पर दी गई थी। पहले ये स्कूल एंट्री लेवल पर ईडब्ल्यूएस कोटा नहीं दे रहे थे। वहीं अल्पसंख्यक स्कूलों का तर्क रहता था कि वह आरटीई के दायरे में ही नहीं आते हैं, लेकिन बीते दिसम्बर में हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन स्कूलों को निदेशालय ने आदेश दिया था कि यह स्कूल एंट्री लेवल यानी नर्सरी, केजी फस्र्ट क्लास में दाखिले करें। सिंघला ने बताया कि इसके बाद इन स्कूलों में एंट्री लेवल पर दाखिला शुरू कर दिया गया, लेकिन दूसरी से बारहवीं कक्षा में गरीब कोटे के बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा रहा था। अब निदेशालय द्वारा इन स्कूलों में दूसरी से 12वीं कक्षा में 15 फीसद गरीब कोटे पर दाखिला देने का अधिसूचना जारी की जाएगी। एडमिशन डॉट कॉम में फाउंडर सुमित वोहरा ने कहा कि इस फैसले से सरकार ने दिल्ली के बच्चों को राहत दी है। इससे इन स्कूलों में उच्च कक्षाओं में गरीब कोटे के बच्चों को दाखिला मिल सकेगा। इससे जनरल कैटेगरी के बच्चों को भी फायदा होगा, क्योंकि इस कोटे के मिलने के बाद जनरल कैटेगरी सीटें बढ़ सकती हैं। अब स्कूल अपने सीटें नहीं छुपा सकेंगे।
शिक्षा निदेशालय बुधवार तक जारी करेगा अधिसूचना

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