Friday, November 27, 2015

संस्था के उद्धेश्य

  • मानव कल्याणार्थ समाज में जागृति लाने का प्रयास करना।
  • समाज को मानव अधिकारों की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना एवं भारतीय संविधान में वर्णित मानवाधिकार का ज्ञान कराना।
  • भारत सरकार द्वारा वर्णित मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 का जन-जन तक प्रचार प्रसार करना, ताकि आम आदमी उसका लाभ प्राप्त कर सके।
  • मानवाधिकार एवं मानव कल्याण साहित्य का लेखन, मुद्रण एवं प्रचार प्रसार करना/ तत्संबंधी पुस्तकालयों/वाचनालयों की स्थापना कराने के प्रयास करना।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं विदेशो के गठित मानवाधिकार आयोगों में सम्पर्क में रह कर उनकी सेवाएं आम आदमी को मुहैया कराने के प्रयत्न करना।
  • देश भर में संस्था के कार्यालय स्थापित करके मानव कल्याण, मानव शांति, मानव सद्भावना, मानव एकता एवं मानवाधिकारों की रक्षा संबंधी कार्य करना तथा समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार उन्मूलन में शासन/प्रशासन को सहयोग प्रदान करना।
  • देश व विश्व की बढ़ती जनसंख्या नियंत्रण में जन जागरण के माध्यम से प्रभावी कदम उठाकर लोगों को परिवार नियोजन संबंधी मार्गदर्शन कराने का प्रयास करना।
  • समाज के विभिन्न वर्गों के उत्पीड़न निराकरण हेतु शासन/प्रशासन/राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग/राज्य मानवाधिकार आयोग/मानवाधिकार न्यायालयों एवं अन्य स्तरों पर उन्हें समुचित न्याय दिलाने संबंधित प्रयास करना।
  • समय-समय पर विचार गोष्ठियों, सम्मेलनों, सांस्कृतिक तथा मीडिया कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को उनके अधिकारों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देना।
  • समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने में शासन/प्रशासन को सहयोग देना/ मानवाधिकार के हनन करने वाली ताकतों के विरुद्ध सतत् विरोध करना।
  • सामुदायिक विकास हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएॅँ आरंभ करना व उनको सुचारु रूप से चलाना।
  • समाज के चहुँमुखी विकास के लिए निम्नलिखित शैक्षणिक तथा कल्याणकारी योजनाओं का शुभांरभ करना व उनका उचित संचालन करना:
  1. मानव कल्याण एवं विकास,
  2. बाल विकास एवं कल्याण,
  3. महिला कल्याण एवं विकास,
  4. ग्रामीण कल्याण एवं विकास,
  5. अन्याय का प्रतिकार, सुरक्षा एवं न्याय दिलाना,
  6. सामाजिक न्याय दिलाना,
  7. नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों का बोध कराना,
  8. वन्य सम्पदा रक्षा एवं विकास,
  9. एचआईवी, कैंसर जागरूकता मिशन,
  10. धार्मिक समन्वय,
  11. जातिगत भेदभाव दूर करना,
  12. समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियाॅंँ दूर करना।,
  13. हस्त शिल्प/कला का विकास करना,
  14. विकलांगों का विकास,
  15. स्वास्थ्य सहायता,
  16. तकनीकि शिक्षा, औद्योगिक शिक्षा, उपभोक्ता शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा व योग शिक्षा दिलाना,
  17. प्राकृतिक आपदा सहायता,
  18. व्यापार उद्योग विकास,
  19. पर्यावरण सुरक्षा,
  20. नशा मुक्ति सहायता,
  21. समाज को जागरूक करना,
  22. वैष्यावृति उन्मूलन, बालश्रम उन्मूलन, बंधुआ मजदूर उन्मूलन, बाल विवाह उन्मूलन, भिक्षावृति उन्मूलन,
  23. आदिवासी कल्याण एवं विकास,
  24. ऐतिहासिक सम्पदा रक्षा एवं उनका विकास,
  25. जन कल्याण और जन हित के कार्य करना।


  1. संस्था द्वारा समाज के असहाय महिलाओं, दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, आर्थिक रूप् से कमजोर वर्गों, आदिवासियों, अनाथों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करना।
  2. संस्था द्वारा महिला श्रमिक, बाल श्रमिकों एवं अन्य श्रमिकों के कल्याणार्थ कार्यक्रमों का संचालन करना। उनके लिए शिक्षा एवं पुनर्वास की व्यवस्था करना।
  3. विकलांगों को समाज के मुख्य धारा में जोड़ने हेतु आवश्यक कार्यक्रमों का संचालन करना।
  4. संस्था द्वारा निःसहाय महिलाओं एवं पुरूषों के आर्थिक विकास हेतु लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, पशुपालन, मत्स्यपालन, मुर्गीपालन, बकरीपालन, मधुमक्खीपालन, रेशमकीट पालन, फल एवं खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण देना एवं स्वाबलंबी बनने में मदद करना।
  5. संस्था द्वारा शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वाबलंबी बनाने हेतु टंकणकला, आशुलिपि, कम्प्यूटर, मोबाईल मरम्मति, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं अन्य तकनीकी एवं गैरी तकनीकि शिक्षण संस्थानों का संचालन करना।
  6. संस्था द्वारा अनाथ बच्चों के कल्याण हेतु हर संभव प्रयास करना उनके शिक्षा, भोजन, आवास, वस्त्र, चिकित्सा सेवा आदि सब कुछ मुफ्त देने हेतु कार्यक्रम संचालन करना। साथ ही, संस्था द्वारा समाज के सभी वर्गों के गरीब लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य शिक्षा उपलब्ध कराना। परिवार कल्याण शिविर, नेत्र चिकित्सा शिविर, टिकाकरण शिविर, स्वास्थ्य शिविर आदि का संचालन करना। असाघ्य रोग, एड्स, कैंसर, टी0बी0, कालाजार, हेपटाइटिस आदि से बचने हेतु आवश्यक जानकारी देना एवं ग्रसित लोगों को चिकित्सा सेवा, एम्बुलेंस सेवा, चलंत चिकित्सा उपलब्ध कराना तथा संस्था द्वारा लोगों के स्वास्थ्य रक्षा हेतु विभिन्न प्रकार की चिकित्सा पद्धतियों का प्रचार-प्रसार एवं प्रशिक्षण करना।
  7. संस्था द्वारा पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु वृक्षारोपण एवं अन्य कार्यक्रमों का संचालन करना। सौर-उर्जा, प्राकृतिक उर्जा, अपरांपरिक उर्जा का प्रचार-प्रसार करना। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में स्वच्छता अभियान का संचालन करना। लोगों को स्वच्छ पेयजल, शौचालय, यातायात के नियमों का प्रचार-प्रसार करना।
  8. संस्था द्वारा अनाथ बच्चों, वृद्धों, विधवाओं के आश्रयस्थल, भोजन, शिक्षा आदि की व्यवस्था करना। उनके लिए कल्याणकारी कार्यों का संपादन करना।
  9. संस्था द्वारा कम्प्यूटर से संबंधित विभिन्न स्तर के व्यवसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन, हार्डवेयर, सॅाफ्टवेयर, इंटरनेट आदि विभिन्न स्तर के पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण देना।
  10. संस्था द्वारा शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन कर लोगों के बौद्धिक विकास में मदद करेगी तथा आवासीय विद्यालय, प्रौढ़ शिक्षा, सर्वशिक्षा, पुस्तकालय, वाचनालय, पठन-पाठन कक्ष, छात्रावास, अनौपचारिक शिक्षा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, मूक एवं बधिर विकलांग विद्यालय का संचालन करना तथा गरीब असहाय, विकलांग, अल्पसंख्यक छात्र एवं छात्राओं को हर संभव आर्थिक सहायता देकर आगे बढ़ने में मदद करना।
  11. संस्था द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के चैमुखी विकास हेतु महिला मंडल, महिला सशक्तिकरण, बाल-बारी स्वयं सहायता समूह, पालनागृह, पौष्टिक आहार केन्द्र का संचालन करना तथा गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार वितरण केन्द्र का संचालन कराना तथा जनवितरण प्रणाली अन्तर्गत दुकान का संचालन कराना।
  12. संस्था द्वारा असहाय महिलाओं को रोजगारोन्मुख बनाने एवं समाज के मुख्य धारा से जोड़ने हेतु सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, कासीदाकारी, पेन्टिंग, गुडि़या निर्माण, पत्तल, ठोंगा, मोमबत्ती बनाना एवं अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण, सौन्दर्य एवं प्रसाधन आदि की जानकारी देना।
  13. संस्था द्वारा आकस्मिक आपदाओं जैसे बाढ़, अकाल, महामारी, सुखाड़ आदि में राहत कार्यक्रमों का संचालन करना। राहत कार्यों में सहयोग करना।
  14. संस्था द्वारा समाज में व्याप्त कुरीतियां जैसे बाल-विवाह, दहेज प्रथा आदि की रोकथाम हेतु कार्यक्रमों का संचालन करना। आदर्श विवाह एवं विधवा विवाह को प्रोत्साहित करना।
  15. कृषि एवं बागवानी के विकास हेतु कृषकों को आधुनिक औजार, उन्नत बीज, उन्नत खाद, सिंचाई के उपयुक्त साधन, बर्मी खाद, मशरूम, मखाना की खेती, जल छाजन, जल संचयन आदि उपलब्ध करना। औषधीय पौधों एवं नगदी पौधों के उत्पादन हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना।
  16. पुस्तकालय, वाचनालय, संगीतालय का संचालन करना। पत्र-पत्रिकाओं का वितरण एवं संग्रह करना। नाटक, नृत्य, संगीत, वाद्य एवं प्रशिक्षण का संचालन कराना।
  17. संस्था द्वारा वन्य जीव, पशु-पक्षी एवं लावारिश पशु के संरक्षण हेतु प्रयास करेंगी।
  18. उपभोक्ता संरक्षण, पंचायती राज, वयस्क मताधिकार, सूचना का अधिकार, मानवाधिकार आदि की जानकारी देना एवं जागरूक करना।
  19. संस्था द्वारा देश की एकता, अखण्डता, आपसी सद्भावना आदि कार्यक्रमों का संचालन करना।

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