Monday, November 16, 2015

सन्देश


 क्रमांक:………………                                                                               दिनांक:15-11-2015
शुभकामना-सन्देश
प्रिय श्री कैलाश बोकोलिया जी,
मुझे यह जानकर खुशी हुई कि आप राजस्थान प्रांत के बीकानेर से रैगर समाज की पत्रिका “रैगर दर्पण” का प्रकाशन किया जा रहा है। निश्चित ही इस पत्रिका के प्रकाशन से लोगो मे रैगर समाज के प्रति जागरूकता बढ़ेगी,  और आपके द्वारा यह रैगर समाज के प्रति एक सराहनीय कार्य है।
वर्तमान समय मे रैगर समाज मे सामाजिक स्तर पर काफी बदलाव आया है, परन्तु शिक्षा व आर्थिक के कारण सर्वांगीण विकास की गति धीमी रही है। आपके द्वारा प्रकाशित सामाजिक पत्रिका रैगर दर्पण एक ऐसा अविस्मरणीय योगदान देकर समाज के वर्तमान युवा पीढी को संमार्ग कराते हुए उन्हें जुझारू, कर्मनिष्ठ, निर्भीक, समाज व राष्ट्र-सेवी, और सद-चरित्र बनने की प्ररेणा देगी । आशा है कि इस पत्रिका के माध्यम से हर मुहल्ले मे,हर गांव मे और घर-परिवार मे शिक्षा व आर्थिक विकास की गति को आगे बढ़ाने मे मदद मिलगी। इस पत्रिका की यही समाज के प्रति सर्वश्रेष्ठ सेवा होगी।
आपकी पत्रिका रैगर दर्पण”  के  अद्वितीय प्रयास, सफल संपादन एवं प्रकाशन की, और आप जैसे सशक्त सम्पादक व आपके सहयोगियों को सम्पुर्ण अन्त:करण से बधाई एवं शुभकामनायें प्रेषित करते हुए, समस्त रैगर समाज की ओर से अनेकोनेक शुभकामनायें और बधाई।
आशा करता हूँ कि इस पत्रिका का प्रकाशन निरन्तर निर्बाध रूप से होता रहेगा। इसी शुभकामनाओ के साथ।
शुभांकांक्षी,
(रघुबीर सिंह गाडेगांवलिया),
अध्यक्ष
सेवा में,
श्री कैलाश बोकोलिया जी,

सम्पादक रैगर दर्पण

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